Showing posts with label हिन्दी kavi. Show all posts
Showing posts with label हिन्दी kavi. Show all posts

Wednesday, November 17, 2010

देवउठणी ग्यारस की हार्दिक बधाइयां





मनुष्य
के जीवन में

वह सबसे बुरी घड़ी होती है

जब वह बिना परिश्रम किये धन कमाना चाहता है

-
अज्ञात महापुरूष


प्रस्तुति : राजकुमार भक्कड़


देवउठणी ग्यारस की हार्दिक बधाइयां स्वीकार करें